10 वीं के छात्र ने की स्कूल संचालक और कैशियर की हत्या…. परीक्षा में पास कराने व पैसों के लेनदेन को लेकर हुआ था विवाद…फिर छात्र ने बना डाली ऐसी खौफनाक योजना….सुनकर हो जायेंगे रोंगटे खड़े

दुर्ग 4 दिसंबर 2019। दुर्ग पुलिस ने सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। स्कूल संचालक और कैशियर की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि 10 वीं के एक छात्र और उसके नाबालिग साथी ने मिलकर की थी। पुलिस ने मामले में दो लड़कों को गिरफ्तार किया है। परीक्षा में पास कराने तथा पैसों के लेनदेन को लेकर हुये विवाद के चलते आरोपी ने स्कूल संचालक और कैशियर को मौत के घाट उतारा था। आज इस मामले में दुर्ग एसएसपी अजय यादव ने खुलासा करते हुये इस बात की जानकारी दी।

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ऐसे दिया पूरे घटना को अंजाम….

दुर्ग पुलिस को सोमवार की शाम छह बजे के आसपास अण्डा क्षेत्र के ग्राम विनायक में शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और शव की पहचान के लिये जांच में जुट गयी। पुलिस ने शव के थोडे़ दूर पर ही एक एक्टिवा वाहन भी जब्त की थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि श्रेया पब्लिक स्कूल के संचालक विजय नंदा की और जो शव मिला हैं वो उसी स्कूल के कैशियर आनंद बीके की है। साथ ही दोनों घर से दो दिसम्बर की सुबह से ही एक्टिवा में निकले हुये थे, जिसके बाद दोनों घर नहीं लौटे। पुलिस इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुये दुर्ग, भिलाई के चैक-चैराहे, बस स्टैण्ड और रेलवे स्टेण्ड पर लगे सीसीटीवी को खंगालना शुरू की। इस दौरान पुलिस को अण्डा बस स्टैण्ड के पास लगे सीसीटीवी में स्कूल संचालक विजय नंदा, आनंद बीके को दो लड़कों के साथ बात करते हुये देखा गया। इसके बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर उन लोगों से पूछताछ की गयी। पहले तो आरोपियों ने बयान बदलकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, जब पुलिस ने उनसे कड़ाई से पूछताछ की तो स्कूल संचालक और कैशियर की हत्या करने की बात कबूल की।

परीक्षा में पास कराने तथा पैसों के लेनदेन को लेकर शुरू हुआ था विवाद

पकड़े गये लड़कों में मुख्य आरोपी का नाम पुरेन्द्र साहू 18 वर्ष बालोद के रनचिराई गांव का रहने वाला है व घटना में शामिल एक अन्य नाबालिग है। पुलिस पूछताछ में आरोपी पुरेन्द्र साहू ने बताया कि उसकी पहचान 2018 में मृतकों से हुई थी। दोनों ने उसे कहा था कि उसे पत्राचार के माध्यम से 10 वीं पास करवा देंगे, इसके उसे 20 हजार देनें होंगे। जिसके बाद आरोपी पुरेन्द्र साहू ने 10 वीं की परीक्षा स्वयं से पास कर ली। परीक्षा में पास होने के बाद आनंद व विजय नंदा उसके घर आकर पैसों की मांग करने लगे, पैसे नहीं देनें पर दोनों ने घर के लोगों को धमकी दी। एक दिसंबर को भी दोबारा से विजय नंदा और विजय नंदा और आनंद उसके घर गये थे, जहां पर दोनों की घर वालों से जमकर बहस हुई थी।

घर वालों के साथ हुये दुर्व्यवहार का बदला लेने दिया इस खौफनाक घटना को अंजाम

घर वालों के साथ हुये दुर्व्यवहार से पुरेन्द्र गुस्से में आ गया और स्कूल संचालक व कैशियर को जान से मारने की योजना बनायी। पुरेंद्र ने 2 दिसंबर को विजय नंदा और आनंद को पैसे लेने के बहाने अण्डा बुलाया। यहां पर विजय और आनंद एक्टिवा में पहुंचे जिसके बाद आनंद बस से किसी काम से विनायकपुर चला गया। पुरेन्द्र ने विजय नंदा को पैसे देने के नाम पर रनचिरई खार ले जाकर हथौड़ी मारकर उसकी हत्या कर दी और शव को खेत के किनारे फेंक कर मौके से फरार हो गये। उसके बाद आरोपियों ने आनंद बीके को भी विनयकपुर गांव बलौद के पास बुलाया और योजना के तहत उसी हथौड़ी और पत्थर से उसकी हत्या कर लाश को वहीं छोड़ फरार हो गये। आरोपियों के निशानदेही पर स्कूल संचालक और स्कूल के कैशियर के शव बरामद किये गये। आरोपियों के पास से हथियार, गाड़ी, मोबाईस बरामद कर आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया।

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