वीडियो: 26 लाख की ठगी मामले में बड़ा खुलासा :.. ठगी के पैसों से बनना चाहता था पार्षद, कंपनी का कैशियर ही निकला ठगी का मास्टर माइंड… साथियों संग रची थी साजिश.. SSP आरिफ ने किया मामले का खुलासा

रायपुर 2 दिसंबर 2019। नकली क्राईम ब्रांच अधिकारी बनकर लाखों की ठगी करने वाले तीन शातिर आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पिछले दिनों नंदन स्टील प्लांट के सुपरवाईजर से 26 लाख 50 हजार रूपये की ठगी की थी। आज इस पूरे मामले का खुलासा एसएसपी आरिफ शेख ने किया। खुलासे में एडिशनल एसपी प्रफुल्ल ठाकुर, उरला सीएसपी अभिषेक माहेश्वरी, पुरानी बस्ती सीएसपी कृष्णा पटेल मौजूद थे। एसएसपी आरिफ शेख ने बताया कि पकड़े गये आरोपियों में एक नंदन स्टील का कैशियर हैं जिसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस पूरी घटना को अंजाम दिया था। आरोपियों में एक ठगी के पैसों से पार्षद चुनाव बनने का सपना देख रहा था।

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घटना 15 नवंबर की सुबह 10 बजे के आसपास की है। नंदन स्टील के सुपरवाइजर धीरेन्द्र कुमार मिश्र 26 लाख 50 हजार रूपये आफिस से लेकर वालफोर्ट सिटी किसी को देने के लिये निकला था। सुंदर नगर मदर प्राईड स्कुल के पहले ही दो मोटर सायकल में आये। दोनों ने अपने आप को क्राईम ब्रांच का अधिकारी बताकर गाड़ी की तलाशी ली। धीरेन्द्र की गाड़ी में रखे 26 लाख रूपये का जब्त करते हुये कहा कि इसका हिसाब क्राईम ब्रांच के आफिस आकर देना। ऐसा कहकर दोनों आरोपी सुपरवाईजर धीरेद्र के रूपये लेकर मौके से फरार हो गये। जिसके बाद इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पीड़ित ने अपने मालिक को दी और जब क्राईम ब्रांच जाकर देखा तो पता चला कि कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं गया हुआ था, जिसके बाद इस मामले की शिकायत डीडी नगर थाने में की गयी।

घटना की शिकायत के बाद एसएसपी आरिफ शेख ने एडिशनल एसपी प्रफुल्ल ठाकुर, उरला सीएसपी अभिषेक माहेश्वरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन कर जाँच के आदेश दिया गया। टीम ने घटना स्थल पर लगे सारे सीसीटीवी को खंगालाते हुये आरोपियों के संबंध में पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के गुजरात और उप्र में होना पाया गया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी अंकित मिश्रा को नैनी उप्र से और चन्द्रशेखर तल्लोली को बड़ोदरा गुजरात से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि इस पूरे घटनाक्रम में नंदन स्टील के कैशियर आनंद सिंह ठाकुर भी शामिल था, उसी के कहने पर इस वारदात को अंजाम दिया गया था। अंकित ठगी के पैसों से पार्षद चुनाव लड़ना चाहता था। गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार नग मोबाइल, आठ लाख नगदी जब्त कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।